विंध्य से मंत्रिमंडल में किसे मिलेगी जगह और कौन होगा विधानसभा अध्यक्ष

भोपाल 12 नवम्बर । शिवराज सरकार ने एक चुनौती का सामना करके उपचुनाव को जीत लिया है लेकिन अब मंत्रिमंडल का विस्तार करना एक बड़ी चुनौती साबित होने जा रहा है क्योंकि पिछली बार मंत्रिमंडल विस्तार में शिवराज के करीबी कई विधायक मंत्री नहीं बन पाए जो अब फिर से मंत्री पद की उम्मीद में हैं और गोविंद राजपूत का मंत्री बनना तय माना जा रहा है उम्मीद यह है कि दिवाली के बाद मुख्यमंत्री दोनों को फिर से मंत्री बना सकते हैं दोनों मंत्रियों के विभागों में बदलाव की संभावना भी कम है

मध्यप्रदेश विधानसभा उपचुनाव फतह हासिल करने वाली शिवराज सरकार के सामने अगली बड़ी चुनौती मंत्रिमंडल में शामिल होने वाले नेताओं को संतुष्ट करने की होगी चुनाव में परचम लहराने वाली पार्टी और नेताओं को मंत्रिमंडल में कैसे जगह देगी इसकी कवायद शुरू हो गई है सूत्रों की मानें तो फिलहाल चार मंत्री बनाए जाने की जगह खाली है जबकि दावेदारों की संख्या दोगुनी तक पहुंच चुकी है

इधर मंत्रिमंडल विस्तार की सुगबुगाहट शुरू होते ही दावेदार एक बार फिर सक्रिय हो गए हैं इसमें विंध्य के नेताओं की संख्या ज्यादा है सिंधिया समर्थक तुलसी सिलावट और गोविंद राजपूत शिवराज सरकार के कैबिनेट मंत्री थे पर विधायक ना रहने के कारण 6 महीने पूरे होते ही उन्होंने पद से इस्तीफा दे दिया था चुनाव जीतने के बाद उन्हें फिर से मंत्री बनाया जाएगा मंत्री बनने वालों की कतार में रीवा से राजेन्द्र शुक्ला, रामपाल सिंह, अजय विश्नोई, गौरीशंकर बिसेन, संजय पाठक, रमेश मेंदोला समेत एक दर्जन से अधिक नेता शामिल हैं इसमें से अधिकांश में चुनाव में पूरी मेहनत से काम किया और पार्टी के उम्मीदवारों को विजई बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है

इधर विंध्य में उपेक्षा की बात होती रही है विंध्य से भाजपा विधायक गिरीश गौतम का कहना है कि मंत्रिमंडल में विंध्य की उपेक्षा हो रही है उन्होंने कहा है कि मंत्रिमंडल विस्तार में विंध्य को भी प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए क्योंकि भाजपा के सबसे अधिक विधायक विंध्य से जीत कर आए हैं गौरतलब है कि गौतम लगातार चौथी बार विधायक और मंत्री पद के दावेदार भी हैं

अब उपचुनाव के नतीजे आने के बाद विधानसभा अध्यक्ष का चयन भी सीएम शिवराज के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकता है फिलहाल रामेश्वर शर्मा प्रमोटेड स्पीकर के तौर पर जिम्मेदारी निभा रहे हैं इस पद के लिए पिछली बार विधानसभा अध्यक्ष रहे सीताशरण शर्मा और विंध्याचल से आने वाले केदार शुक्ला मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं जबकि यशपाल सिसोदिया और गिरीश गौतम के लिए यह एक अहम जिम्मेदारी मिल सकती है है हालांकि किसको क्या मिलेगा यह आने वाले समय में तय होगा

डेस्क रिपोर्ट

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