मध्य प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर उच्च न्यायालय का रोक से इंकार

मध्य प्रदेश High Court refuses stay on three

जबलपुर, 09 दिसंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने प्रदेश में होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव पर रोक लगाने से मना कर दिया है। मामले की सुनवाई के साथ ही गुरुवार को अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।

पंचायत चुनावों के खिलाफ दायर पांच याचिकाओं की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश रवि विजय कुमार मलिमठ तथा न्यायमूर्ति विजय शुक्ला की युगलपीठ द्वारा की गयी। युगलपीठ ने चुनाव याचिका पर अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद निर्धारित की है।

दरअसल, भोपाल (मध्य प्रदेश) निवासी मनमोहन नागर तथा गाडरवारा निवासी संदीप पटेल की ओर से इस संबंध में याचिका दायर की गई थी, इसके साथ ही अन्य पांच याचिकाओं में तीन चरणों में होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को चुनौती दिए जाने का प्रयास किया गया था।

याचिका में कहा गया कि प्रदेश सरकार का ये अध्यादेश पंचायत चुनाव एक्ट का उल्लंघन करता है। राज्य सरकार ने पूर्व की तरह आरक्षण लागू कर चुनाव करवाने के संबंध में अध्यादेश पारित किया है।

सरकार द्वारा उक्त अध्यादेश कांग्रेस शासनकाल में निर्धारित आरक्षण को निरस्त कर लागू किया गया है।

याचिका में यह बात भी रखी गई थी कि पंचायत एक्ट में रोटेशन व्यवस्था का प्रावधान है। पूर्व की तरफ आरक्षण करना इस व्यवस्था के खिलाफ है। इसके अलावा 2018 में निवाड़ी जिले का गठन किया गया है।

मध्य प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर उच्च न्यायालय का रोक से इंकार

बिना सीमांकन किये नये जिले में पंचायत चुनाव नहीं करवाये जा सकते। युगलपीठ में न्यायाधीशों ने पूरी बात सुनने के बाद चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगाने से इंकार कर दिया।

मुख्य न्यायाधीश रवि विजय कुमार मलिमठ तथा न्यायमूर्ति विजय शुक्ला की युगलपीठ ने अनावेनकर्ताओं को नोटिस जारी करते हुए आगामी सुनाई की दिनांक सात जनवरी निर्धारित की है।

याचिकाकर्ता की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक कृष्ण तन्खा, पूर्व महाधिवक्ता शशांक शेखर के अलावा हिमांशु मिश्रा ने पैरवी की थी।

तन्खा का कहना है कि मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली युगलपीठ ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव पर रोक लगाने से मना कर दिया है।

बैंक ऑफ बड़ौदा दे रहा है बिना ATM कार्ड के पैसा निकालने की सुविधा, जानिए कैसे

इसके बाद जब उनसे पूछा गया कि अब वे क्या कदम उठाएंगे तब उनका कहना था कि आगे वे इस संबंध में वे सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर करेंगे।

सतना न्यूज डेस्क

ख़बरें पूरे विंध्य की http://satnanews.net/

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button