मकर संक्रांति के दिन नहीं करना चाहिए ये काम

भोपाल: आज 14 जनवरी यानी मकर संक्रांति(Makar Sankranti 2021) का त्यौहार आज के दिन सूर्य दक्षिणायन से उत्तरायण (Uttarayan)होता है या सूर्य के धुन से मकर राशि में प्रवेश करने के बाद इस पर्व की शुरुआत मानी जाती है वही मकर संक्रांति से ही खरमाह समाप्ति के साथ ही शुभ कार्यों की शुरुआत हो जाती है आज देश भर में पतंग(Kite) उड़ाई जाती है घरों में खिचड़ी बनती है और खास तिल के लड्डू (Til Laddo)भी खाए जाते हैं वही इन दिन पूजा-पाठ के बाद दान का भी विशेष महत्व है लेकिन कई ऐसे काम है जो इस दिन करने पर सो नहीं होते तो आइए जानते हैं वह कौन से काम है जो संक्रांति के दिन भूलकर नहीं करने चाहिए

1. मकर संक्रांति के दिन महिलाओं को बाल धोने से बचना चाहिए
2. पुण्य काल में दांत साफ नहीं करना चाहिए
3. इस दिन किसी पेड़ पौधों की कटाई चटाई भी नहीं करनी चाहिए
4. मकर संक्रांति के दिन किसी भी तरह के नतीजे से सिगरेट शराब गुटका आदि से खुद को दूर रखें
5. मसालेदार भोजन का सेवन भी ना करें
6.इस दिन तिल और मूंग दाल की खिचड़ी का सेवन करना अच्छा माना जाता है
7. अगर आप घर में गाय भैंस पालते हैं तो मकर संक्रांति के दिन उनका दूध नहीं दूध नहीं दुहना चाहचाहिए
8.इस दिन गलती से भी लहसुन प्याज और मांस का सेवन नहीं करना चाहिए
9. मकर संक्रांति के दिन अगर आपके घर पर कोई भिखारी साधु या बुजुर्ग आता है तो उसे घर से खाली हाथ ना जाने दे
10. दान में देने के लिए अगर तिल का कोई भी सामान हो तो और भी अच्छा होगा
11. अगर सूर्य देव की कृपा पाना चाहते हैं तो इस दिन संध्याकाल यानी सूरज ढलने के बाद अन्य का सेवन ना करें

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अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग नाम

मकर संक्रांति को अलग-अलग प्रांतों में विभिन्न नामों से जाना जाता है उत्तर भारत में इसे मकर संक्रांति असम में बिहू और दक्षिण भारत में पोंगल के रूप में मनाया जाता है गुजरात और राजस्थान में से उत्तरायण कहा जाता है गुजरात में संक्रांति के दिन विशेष तौर पर पतंगबाजी का आयोजन होता है वही हरियाणा पंजाब व दिल्ली के कुछ स्थानों में लोहड़ी भी कहा जाता है

क्या है इससे मनाने का कारण

धर्म पुराणों में इस बात का जिक्र मिलता है कि मकर संक्रांति के दिन अपने पुत्र शनि से मिलने सूर्य देव उनके पास गए उस वक्त शनिदेव मकर राशि का स्वामित्व कर रहे थे तब से ही इस दिन को मकर संक्रांति के रूप में मनाया जाने लगा माना जाता है कि इस खास दिन पर अगर एक पिता अपने बेटे से मिलने जाता है तो उनका यहां की सभी समस्याएं दूर हो जाती है

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स्नान और दान का शुभ मुहूर्त

मकर संक्रांति गुरुवार को प्रातः 8:30 बजे से आरंभ हो चुकी है इसका पुण्य काल मुहूर्त सुबह 8:30 से लेकर शाम 5:00 बजकर 46 मिनट तक रहेगा वही महा पूर्ण काल का मुहूर्त सुबह 8:30 से 10:15 तक ही होगा स्नान और दान दक्षिणा देकर इस अवधि में किए जा सकते हैं जिसका बहुत ही महत्व और लाभ है मान्यता है कि मकर संक्रांति के दिन किया गया दान सौ गुना फल देता है मकर संक्रांति के दिन की तिल कंबल खिचड़ी दान का खास महत्व है

AAD

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