COVID-19 वैक्सीन को लेकर अच्छी खबर

भारत में कोरोना वायरस महामारी से हड़कंप मचा हुआ है। लेकिन इसी बीच एक अच्छी खबर सामने आई है। कोविड-19 को रोकने के लिए भारत में ही कोरोना वायरस की वैक्सीन का प्रयोग जानवरों पर शुरू हो गया है। लेकिन इसका परिणाम आने में करीब छह महीने का समय लग सकता है। उम्मीद जताई जा रही है कि यदि सब कुछ ठीक रहा तो इसके सकारात्मक परिणाम मिलेंगे।

इस वैक्सीन पर गुजरात का दिग्गज समूह जायडस कैडिला काम कर रहा है। कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर शर्विल पटेल की तरफ से बताया जा रहा है कि वह COVID -19 की वैक्सीन पर काम कर रहे हैं। वैक्सीन का प्रयोग जानवरों पर शुरू किया गया है । इधर कंपनी के चेयर मैंन पंकज पटेल ने भी इस पर बात करते हुए एक TV चैनल पर बताया कि 1 माह के भीतर हमे जानवरों पर वैक्सीन के नतीजे मिल जाएंगे । उन्हें आशा है कि यह नतीजे संतोषजनक रहेंगे और कंपनी इसके बाद वैक्सीन के क्लिनिकल ट्रायल की ओर कदम बढाएगी । उन्होंने कहा यह समय लेने वाली प्रक्रिया है हमें आशा है कि हम इसमें जरूर सफल होंगे।

वैक्सीन पर मार्च से चल रहा है काम

कोरोना वायरस महामारी से लड़ने के लिए वैक्सीन पर मार्च 2020 से काम चल रहा है।  मिली जानकारी के मुताबिक कंपनी ने मार्च में ही जानकारी दी थी कि हमने कोरोनावायरस के लिए वैक्सीन विकसित करने का शोध कार्य कार्यक्रम शुरू कर दिया है। कंपनी सूत्रों की मानें तो मौजूदा हालत में संपूर्ण प्रक्रिया और इसका परिणाम आने में कम से कम 4 महीने से 6 महीने तक का समय लग सकता है।

स्वाइन फ्लू की दवा की थी तैयार

जानकारी के लिए आपको बता दें कि साल 2010 में जाएडस कैडिला नेे ही देशभर में फैले स्वाइन फ्लू की सबसे पहले वैक्सीन तैयार की थी

हाईड्रोक्सीक्लोरोक्विन के उत्पादन में भी अव्वल

मलेरिया के इलाज में असरदार मानी जाने वाली हाईड्रोक्सीक्लोरोक्विन का भारत में सबसे ज्यादा उत्पादन मुख्य रूप से  इप्का लैबोरेटरीज और जायडस कैडिला करती है। फार्मा सेक्टर के जानकारों के अनुसार, भारत में हाईड्रोक्सीक्लोरोक्विन के कुल उत्पादन में इन दोनों कंपनियों की भागीदारी 80% से भी ज्यादा है। जायडस कैडिला हर महीने 20 टन हाईड्रोक्सीक्लोरोक्विन बना सकती है। सरकार ने मंगलवार को हाईड्रोक्सीक्लोरोक्विन समेत 28 दवाइयों के निर्यात पर प्रतिबंध हटा दिया है ।  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से ये प्रतिबंध हटाने के संदर्भ में बात की थी, ताकि अमेरिका को पर्याप्त दवाइयां मिल सकें ।

डेस्क रिपोर्ट

ख़बरें पूरे विंध्य की http://satnanews.net/

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button