गरीब जनता के अमीर नेता … आओ खाये मध्यप्रदेश पार्ट – 3

अजब गजब मध्यप्रदेश …शायद इस मुल्क मे गरीब जनता के अमीर नेताओं के लिये ही सब कुछ है अच्छी आवासीय सुविधायें बेहतर स्वास्थ्य सेवायें और ऊपर से कर मुक्त मोटी आय बडी आसानी से नेताओं के हिस्से आ जाती है जबकि गरीब जनता को सड़े चावलों की खैरात भी बड़ी मुश्किल से मिल पाती है ।

कल शिवराज सरकार ने मुख्य मंत्री और मंत्रियों का आयकर सरकारी खजाने से भरने का ऐलान किया है यहाँ यह बतलाते चलें कि राज्य सरकार के खजाने से मुख्यमंत्री और मंत्रियों का आयकर भरे जाने का सिलसिला जिस उत्तरप्रदेश से शुरू हुआ था वहाँ इसे समाप्त कर दिया गया है

दर असल 1981 मे व्ही पी सिंह की सरकार ने मंत्रियों का आयकर राज्य सरकार के खजाने से भरने का फैसला किया था बाद मे अन्य दूसरे राज्यों ने भी इस गलत परंपरा को अपनाने मे संकोच नही किया यद्यपि हाल ही मे उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने इस पुरानी सुविधा भोगी व्यवस्था को खत्म भी कर दिया है ।

अलावा इसके कोरोना संक्रमण के चलते आर्थिक गतिविधियों के ठप्प हो जाने के कारण सरकारी राजस्व मे कमी आने की वजह से मोदी जी ने 2 वर्ष के लिये सांसदो की विकास निधि पर भी रोक लगा रखी है।

तब अजब गजब मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार ने कल मुख्यमंत्री और मंत्रियों के आयकर को सरकारी खजाने से भरने का फैसला क्यों किया ? फिलहाल यह सवाल अनुत्तरित है हालांकि इस फैसले को लेकर ज्यादा बयानबाजी नही हुई अलबत्ता कांग्रेस के एक विधायक बृजेंद्र सिंह राठौर ने इस फैसले का विरोध जरूर किया है परंतु शिवराज सरकार के किसी भी मंत्री अथवा विधायक ने इस बेतुकी व्यवस्था की मुखालफत करने की जरूरत महसूस नही की

गणेश सिंह असमंजस मे …
जब इस विषय पर बीजेपी के सांसद गणेश सिंह जी से यह पूछा गया कि एक तरफ जहाँ आप लोगो की विकास निधि पर रोक लगा दी गई है तथा जिस राज्य मे इस गलत परंपरा की शुरुआत हुई थी वहाँ भी इसे समाप्त कर दिया गया है तब मध्यप्रदेश सरकार के इस फैसले को आप किस तरह से देखते है

तो उन्होने कहा कि फिलहाल वे इस विषय पर कुछ बोलने की स्थिति मे नही है पहले वे इस पूरे संदर्भ को देखेंगे और समझेंगे तत्तपश्चात ही इस पर कुछ कह पायेगे

अजय सिंह राहुल पूर्व नेता प्रतिपक्ष ने कहा… सुविधा भोगी राजनीति गलत है ।
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पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह राहुल ने सुविधा भोगी राजनीति को गलत बतलाया उन्होने कहा कि जब जनता संकट मे है तब हमे अपने बारे मे नही सोचना चाहिये उन्होने कहा कि भत्तो एवं सुविधाओं पर कोई टैक्स नही है और यदि सैलरी पर टैक्स बनता है तो वह जनप्रतिनिधियों को ही देना चाहिये

निलांशु ने कहा शिवराज का फैसला दुर्भाग्यपूर्ण
जबकि चित्रकूट के युवा कांग्रेसी विधायक निलांशु चतुर्वेदी ने शिवराज सरकार के ताजा फैसले को जन विरोधी बतलाते हुये कहा कि सरकार गिराने और बनाने के लिये एक -एक विधायक पर तीस -पैंतिस करोड़ रूपये तक खर्च कर देने वाली शिवराज सरकार को सबसे पहले किसानो की कर्जमाफी करनी चाहिये उन्हे बढ़े हुये विजली बिलो को माफ करना चाहिये मगर आत्म मुग्ध शिवराज सरकार को आम आदमी की परेशानियां नही दिख रही है वह अपने लिये सुख सुविधाओं के विस्तार मे जुटी हुई है यह प्रदेश की जनता के लिये बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है ।

डा0 राजेंद्र सिंह

पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष राजेंद्र सिंह ने कहा पहले से चली आ रही यह व्यवस्था वर्तमान परिस्थितियों मे उचित नही है सरकार पहले जनता के बारे मे सोचे .

डेस्क रिपोर्ट

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