आरक्षण पर राज्यमंत्री का सियासी दांव

STATE MINISTER’S POLITICAL BET ON RESERVATION

भोपाल | विंध्य के एकलौते मंत्री रामखेलावन पटेल ने पॉवर में आते ही कांग्रेस शासन काल मे पिछड़ा वर्ग के लिए 27 % आरक्षण (27% RESERVATION FOR BACKWARD CLASSES) के फैसले पर अपनी मोहर लगा दी है । यह सियासी दांव है या फिर पिछड़े वर्ग के लोगों का हित ? इस सवाल का जवाब निकट भविष्य में तो सामने नही आने वाला मगर विंध्य की सियासत में रामखेलावन पटेल का यह दांव कही न कही पिछड़े वर्ग के बड़े नेताओं को भारी पड़ सकता है ।

पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विभाग (BCMD MP) के स्वतंत्र मंत्री राम खेलावन पटेल ने गुरुवार को सबसे पहले मंत्रालय में पिछड़ा वर्ग को दिये जाने वाले संशोधित आरक्षण के संबंध में बैठक ली जिसमे 27 प्रतिशत आरक्षण को यथावत रखे जाने का निर्णय लिया गया । इस फैसले को लेकर राजनीतिक हलचलें और गुपचुप बयानबाजी सामने आ रही है हालांकि मंत्री रामखेलावन सीधे सरल और सहज स्वभाव के व्यक्ति हैं माना जा रहा है कि जो निर्णय उन्होंने लिया है उसके पीछे एक बड़ी सोची समझी चाल है । कुछ दिनों पहले तक सतना सांसद गणेश सिंह के बेहद नजदीकी माने जाने वाले राज्य मंत्री इस समय उनसे दूर हैं किंतु सांसद समर्थक यही गा रहे है कि सतना सांसद जी की कृपा से अमरपाटन विधायक को मंत्री पद मिला है किंतु असलियत यह है कि रामखेलावन को मंत्री बनाने की सारी फील्डिंग उनके सगे साढूभाई रीवा के मऊगंज विधानसभा से विधायक प्रदीप पटेल ने की थी जो राजनीतिक दृष्टिकोण से गणेश सिंह के विरोधी माने जाते है । जानकार बताते है कि गणेश सिंह के साथ साथ रामखेलवन पटेल भी भाजपा में आयातित नेता है जबकि प्रदीप पटेल और उनका पूरा परिवार सीधे आर एस एस से जुड़ा है ।

डेस्क रिपोर्ट

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