रामायण के रावण का निधन, अट्टहास हंसी ने दिला दी थी रावण की भूमिका

त्रिवेदी रामायण में बालि और सुग्रीव की भूमिका के लिए स्क्रीन टेस्ट देने आए थे, लेकिन उनकी बुलंद आवाज और अट्टहास के दीवाने होकर सागर ने उन्हें रावण की भूमिका सौंप दी।

भदोही, 06 अक्टूबर (हि.स.)। रामानंद सागर के मशहूर टीवी सीरियल रामायण में ‘रावण’ की भूमिका निभाने वाले अरविन्द त्रिवेदी ने इस दुनिया से अलविदा कह दिया। मंगलवार देर रात मुंबई में उन्होंने अंतिम सांस ली। लेकिन उनकी बुलंद आवाज और अभिनय का जादू आने वाली पीढ़ियों पर हमेशा छाया रहेगा। त्रिवेदी रामायण में बालि और सुग्रीव की भूमिका के लिए स्क्रीन टेस्ट देने आए थे, लेकिन उनकी बुलंद आवाज और अट्टहास के दीवाने होकर सागर ने उन्हें रावण की भूमिका सौंप दी।

रामायण में जामवंत की भूमिका निभाने वाले राजशेखर उपाध्याय ने विशेष बातचीत में उस घटना को याद करते हुए बताया कि अरविंद त्रिवेदी रामानंद सागर के ‘विक्रम बेताल’ में तांत्रिक की भूमिका निभा रहे थे। जब रामायण के लिए कलाकारों का स्क्रीन टेस्ट हो रहा था तो वह भी बालि और सुग्रीव की भूमिका के लिए टेस्ट देने आए थे। रामानंद सागर ने उन्हें डायलॉग दिया और कहा कि तुम ताली बजाकर अट्टहास करो। उन्होंने इस डायलॉग को बखूबी निभाया।

डायलॉग सुनने के बाद रामानंद जिन्हें हमलोग बाबूजी कहते थे, भावविभोर हो गए। त्रिवेदी जब गेट तक पहुंचे तभी उन्होंने बुलाकर कहा…सुनो जी! तुम्हें रावण की भूमिका के लिए चयन कर लिया है। यह सुनते ही त्रिवेदी और सभी कलाकार अवाक रह गए। क्योंकि चयन के बारे में सीधे किसी अभिनेता को नहीं बताया जाता था। लेकिन बाबूजी ने त्रिवेदी को बताकर सबको चौंका दिया।

अरविंद त्रिवेदी के साथ दूसरी घटना को याद करते हुए राजशेखर उपाध्याय ने बताया कि दूरदर्शन पर रामायण के प्रसारण के बाद इसके कलाकार खूब चर्चित हो गए। देश भर में हम लोगों को डायलॉग बोलने के लिए बुलाया जाता था। हम लोगों को अच्छे खासे पैसे मिलते थे। एक बार राम बने अरुण गोविल, सीता यानी दीपिका, रावण बने अरविंद त्रिवेदी और जामवंत यानी मुझे डायलॉग बोलने के लिए कोलकाता बुलाया गया था। जिसमें रामानंद सागर और रविंद्र जैन भी थे। मैं मुंबई एयरपोर्ट पर पहुंचा तो डर गया क्योंकि उस समय कभी हवाई जहाज में नहीं बैठा था। मुझे डर लगने लगा था। जब प्लेन उड़ी तो हवा के दबाव की वजह से कान में अधिक प्रेशर पड़ने लगा। फिर मुझे अरविंद त्रिवेदी ने कहा कि कान में बंद रखो प्लेन लैंड होते वक्त भी यह स्थिति बनेगी। यह होता है घबराओ नहीं। वह अच्छे कलाकार थे।

जामवंत ने बताया कि वह मूल रूप से मध्य प्रदेश के इंदौर में पैदा हुए थे। गुजरात में उनका रंगमंच से गहरा जुड़ाव हुआ। क्योंकि उनके भाई उपेंद्र त्रिवेदी गुजराती सिनेमा के अच्छे अभिनेता रहे। अरविंद रामायण चर्चित होने के बाद गुजराती और हिंदी भाषा की कई फिल्मों और टीवी सीरियलों में काम किया।

1991 में गुजरात के साबरकांठा से सांसद भी चुने गए। उस दौरान टीवी सीरियल कृष्णा में उन्हें कंस की भूमिका मिली थी लेकिन सांसद बनने के बाद वक्त न मिलने की वजह से उन्होंने कुछ एपिसोड के बाद यह भूमिका छोड़ दी। अरविंद त्रिवेदी मुंबई के कांदिवली इलाके में पंचवटी में रहते थे। वह साल भर से काफी बीमार चल रहे थे। उनकी याददाश्त भी कमजोर हो चुकी थी। लेकिन बेशक वे एक बेहद अच्छे अभिनेता थे।

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रामायण में जामवंत की भूमिका निभाने वाले राजशेखर उपाध्याय मूलत: भदोही जिले के सुरियावां के हरिहरपुर गांव के निवासी हैं। उन्होंने रामायण सीरियल में कई भूमिका के साथ अनगिनत टीवी सीरीयल में काम किया है। लॉकडाउन में एक बार रामायण दूरदर्शन पर पुन: प्रसारित होने से सभी कलाकारों की भूमिका नई पीढ़ी के दिमाग में भी जगह बनाने में कामयाब हुई। दुनिया में सबसे अधिक लोगों ने रामायण को देखा।

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हिन्दुस्थान समाचार/प्रभुनाथ शुक्ल

डेस्क रिपोर्ट

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