गुना : 20 बंधुआ मजदूर कराए मुक्त, बाहर से आए 117 मजदूरों को मिला रोजगार

गुना, 23 जुलाई कलेक्टर फ्रेंक नोबल ए ने बुधंआ मजदूर संबंधी जिला स्तरीय सतर्कता समिति की बैठक ली। बैठक में बंधक श्रम प्रथा समाप्ति अधिनियम 1976 के तहत बंधक श्रमिकों के चिन्हांकन, विमुक्ति एवं पुर्नवास के संबंध में चर्चा की गयी। बैठक में जिपं सीईओ, सभी जनपद सीईओ, श्रम पदाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में श्रम पदाधिकारी ने बताया कि मप्र बंधक श्रम प्रथा समाप्ति अधिनियम 1976 के तहत जिले में यदि बंधुआ मजदूर के सूचना मिलती है, तो उन्हेें विमुक्त कराने हेतु कार्यवाही की जाती है। विमुक्त कराने के उपरांत 20-20 हजार रुपए की आर्थिक सहायता तत्काल दी जाती है।

संबंधित व्यक्ति के विरूद्ध जो उन्हें बंधक बनाये हुए था, प्रकरण दर्ज होता है। प्रकरण का निराकरण अदालत से हो जाने के उपरांत प्रत्येक व्यक्ति को एक-एक लाख रुपए की आर्थिक सहायता एवं महिलाओं को 2-2 लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। जिले में अभी तक 20 बुधंआ मजदूर को विमुक्त कराया गया है।

बैठक में बताया गया कि यदि किसी भी अधिकारी अथवा व्यक्ति को जानकारी मिलती है कि किसी व्यक्ति से दबाव पूर्वक काम कराया जा रहा है, तो उसकी सूचना संबंधित एसडीएम, तहसीलदार अथवा थाने या श्रम पदाधिकारी को दें, कार्यवाही की जाएगी। श्रम पदाधिकारी का नंबर 93405-33381 है।

कलेक्टार नोबल ए ने निर्देश दिए कि जिले में यदि कोई भी व्यक्ति किसी भी व्यक्ति से जबरन काम कराते हुए पाया गया तो कृत्य को बंधुआ मजदूरी मानते हुए संबंधित के विरूद्ध एफआईआर दर्ज कराएं और बंधुआ मजदूर के पुर्नवास की व्यवस्था शीघ्र की जाए।

कलेक्टर ने कहा किसी भी व्यक्ति से दबावपूर्वक बलात ढंग से कार्य कराया जाता है, खाने-पीने की सुविधा नहीं दी जाती है, यातना दी जाती है, तो वह बंधुआ मजदूरी की श्रेणी में आयेगा।

उन्होंने निर्देश दिए कि इसके लिए अभियान चलाया जाये। श्रम पदाधिकारी ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान 135 बाहर से लौटे थे। जिसमें 128 ने रोजगार के लिए पंजीयन कराया था, जिनमें से 117 लोगों को मनरेगा के तहत रोजगार दिया गया।

 

डेस्क रिपोर्ट

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