Adani की अमीरी का राज : कंपनियों की कमाई नहीं, फिर क्यों बढ़ी दौलत

गौतम अडानी (gautam Adani) लंबे समय से चर्चा में हैं। हाल के दिनों में उन्होंने दुनिया (World) की तीन सबसे लोकप्रिय हस्तियों की भूमिकाएँ निभाई हैं। अब सिर्फ एलन मस्क और जेफ बेजोस ही पीछे हैं। हालाँकि, एक तथ्य है जिसे ध्यान में रखने की आवश्यकता (requirement) है और वह यह है कि क्या यह चैट समूह (chat group) के ऋण को बढ़ाता है। यह 22 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 26 लाख करोड़ रुपये हो गया है। अब सवाल है यह कि इतने कर्ज के बावजूद अडानी (Adani) की संपत्ति इतनी अधिक कैसे हो गयी। आइए जानते हैं।

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शेयर बजार से बढ़ी दौलत

गौतम अडानी (gautam Adani) के प्रतिष्ठान के पास फिलहाल 12 लाख करोड़ रुपये हैं। कई बड़े कर्ज के बीच नेट वर्थ शेयर बाजार। परिसंपत्ति वृद्धि के मामले में शेयरों जैसे विपणन योग्य संपत्तियों को काफी लाभ उठाने की आवश्यकता होती है। असाल में अडानी (Adani) या किसी अन्य अरब पति की संपत्ति की गणना ने उस समय के शेयरों के मूल्य को भी जोड़ा। अब जब शेयर बाजार में शेयर की कीमत बढ़ेगी तो इसके परिणामस्वरूप आय और धन में भी वृद्धि होगी।

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शेयरों में उछाल से बढ़ी दौलत

जैसा कि ऊपर दिए गए उदाहरण से पता चलता है कि अगर अदानी कंपनी के शेयरों में वृद्धि होगी तो उनका राष्ट्र भी बढ़ेगा। तो क्या आमिर कंपनी के राजस्व या आय, काफरुला मार्केट कैपिटल (market capital) की समृद्धि की कसौटी पर खरे उतरते हैं? अपनी कंपनी के बड़े सवालों के लिए अडानी (Adani) मालिकों के इस फॉर्मूले को देखें। उनकी कंपनी की आय इतनी अधिक नहीं है।

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फॉर्च्यून मैग्जीन ग्लोबल 500 लिस्ट

अब बात करते हैं फॉर्च्यून मैगजीन (Fortune Magazine) की ग्लोबल 500 लिस्ट में शामिल कंपनियों की। वे उन्हें अपने राजस्व के आधार पर रैंक करते हैं। लेकिन आश्चर्यजनक रूप से अदानी का इस लिस्ट में एक भी कंपनी नहीं है। इससे यह अनुमान लगाया जा सकता है कि अदानी की वास्तविक संपत्ति शेयर बाजार में उनकी कंपनी के शेयरों में वृद्धि के कारण बढ़ी न कि उनकी कंपनी की आय से।

ऐसे में अगर कंपनी में उनके शेयर घटते हैं तो अदानी की संपत्ति में भी कमी आएगी। आपकी जानकारी के लिए बता दे कि अदाणी समूह की कंपनियों (companies) के शेयरों में पिछले 2 साल में करीब 1100 फीसदी का इजाफा हुआ है. इनमें से अदानी इंटरप्राइजेज (enterprises) में 730 फीसदी, अदाणी ट्रांसमिशन में 500 फीसदी और अदाणी पोर्ट में 96 फीसदी से अधिक की वृद्धि हुई। इस दौरान सेंसेक्स महज 40 फीसदी से ज्यादा चढ़ा।

भारत की केवल 9 कंपनियां

फॉर्च्यून ग्लोबल 500 सूची में भारत की 9 कंपनियां शामिल हैं। राजस्व के मामले में भारत की सबसे बड़ी और शीर्ष कंपनी एलआईसी है, जो देश की सबसे बड़ी और सरकारी स्वामित्व वाली बीमा कंपनी है। 500 कंपनियों की सूची में एलआईसी 98वें, रिलायंस इंडस्ट्रीज 104वें, इंडियन ऑयल 142वें, ओएनजीसी 190वें, एसीबीआई 236वें, बीपीसीएस 295वें, टाटा मोटर्स 370वें, टाटा स्टील 435वें और राजेश एक्सपोर्ट्स 348वें स्थान पर हैं।

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इन देशों की सबसे अधिक कंपनियां

इस सूची में 145 कंपनियों के साथ चीन पहले, 124 कंपनियों के साथ अमेरिका दूसरे, 47 कंपनियों के साथ जापान तीसरे, 28 कंपनियों (companies) के साथ जर्मनी तीसरे, 25 कंपनियों के साथ फ्रांस चौथे और 18 कंपनियों के साथ यूके शामिल है।

Article By Sipha

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