1 लाख उपभोक्ताओं से बिजली बिल वसूली की शुरू हुई कवायद

1 लाख The exercise of recovery of electricity bill from

39 करोड़ 64 लाख बिजली बिल बकाया, कोरोना काल के दौरान स्थगित बिजली बिल वसूली के लिए विद्युत वितरण कंपनी ने जारी किया है निर्देश
नवभारत न्यूज

सिंगरौली 25 नवम्बर। कोरोना महामारी के दौरान 1 किलोवाट तक के घरेलू उपभोक्ताओं को बिजली बिल एमपीईबी कंपनी के शर्तों के आधार पर जमा करना होगा।

इसके लिए म.प्र. पू.क्षे.वि. वि.कंपनी ने समाधान योजना लागू किया है। जिले में शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में कुल 1 लाख से अधिक 1 किलोवाट के घरेलू उपभोक्ता हैं

और उन पर करीब साढ़े 39 करोड़ रूपये से अधिक बिजली बिल (1 लाख) बकाया है। बकाया बिल वसूलने के लिए एमपीईबी नोटिस भी जारी करना शुरू कर दिया है।
गौरतलब हो कि कोविड-19 के दौरान 1 किलोवाट के उपभोक्ताओं के बिजली बिल (1 लाख) वसूली फिलहाल राज्य सरकार ने रोक लगा दिया था। किन्तु अब उस दौरान के बकाया बिजली बिल वसूलने के लिए एमपीईबी कंपनी शुरू कर दी है। तो वहीं बिजली बिल जमा करने के लिए एमपीईबी कंपनी ने समाधान योजना भी लागू किया है।

ताकि उपभोक्ताओं को राहत मिल सके। एमपीईबी कार्यपालन अभियंता शहर अजीत सिंह बघेल व ग्रामीण क्षेत्र के कार्यपालन अभियंता अवनीश सिंह ने आज मीडिया कर्मियों को बताया कि यह लाभ 1 किलोवाट तक के घरेलू उपभोक्ताओं के लिए ही लागू की गयी है

1 लाख उपभोक्ताओं से बिजली बिल वसूली की शुरू हुई कवायद

योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन देने की अंतिम तिथि 15 दिसम्बर तय की गयी है। उपभोक्ताओं को बकाया राशि की सूचना उनके मोबाइल नंबर पर एसएमएस या कंपनी द्वारा उपलब्ध कराये गये लिंक से प्राप्त किया जा सकता है। अस्थगन अवधि में विवादित देयकों के निराकरण हेतु 15 दिसम्बर के पूर्व आवेदन करना आवश्यक होगा।

तभी उपभोक्ताओं को इस योजना का लाभ मिल सकेगा। यदि उपभोक्ता कंपनी के निर्धारित समयावधि तक समाधान योजना का आवेदन पत्र संबंधित जोन में जमा नहीं करते तो उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिल सकेगा। उपभोक्ताओं द्वारा योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए स्वयं भी कंपनी की बेवसाइट पर अपने द्वारा चयनित विकल्प के अनुसार भुगतान योग्य राशि की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

समाधान योजना का लाभ प्राप्त किये जाने हेतु विकल्प प्रारूप संबंधित जोन से भी प्राप्त किये जा सकते हैं। यहां बताते चलें कि 31 अगस्त 2020 की स्थिति में आस्थगित की गयी बिजली बिल की राशि भुगतान के संबंध में उपभोक्ताओं को राहत दिये जाने के लिए सरकार के निर्देश पर विद्युत वितरण कंपनी ने समाधान योजना के माध्यम से लोगों को राहत देते हुए बकाया बिजली बिल एकमुश्त जमा करने पर 60 प्रतिशत एवं 6 समान किस्तों में भुगतान करने पर 25 प्रतिशत मूल बकाया राशि पर छूट का प्रावधान किया गया है।

1 लाख उपभोक्ताओं को जारी होगी नोटिस
कोरोना महामारी के दौरान 1 किलोवाट तक के घेरलू उपभोक्ताओं की आस्थगित की गयी राशि को उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए एमपीईबी कार्यालय द्वारा शहरी तथा ग्रामीण के उपभोक्ताओं को नोटिस भेजने की तैयारी तेजी के साथ की जा रही है।

शहरी क्षेत्र के दोनों जोन में कुल 14514 उपभोक्ताओं पर 6 करोड़ 55 लाख तथा ग्रामीण क्षेत्र के 8 जोनों में कुल 85893 उपभोक्ताओं पर 33 करोड़ 8 लाख रूपये की राशि बकाया है।

39 करोड़ 64 लाख बिजली बिल बकाया
शहरी क्षेत्र के बैढऩ जोन में 11747 उपभोक्ताओं पर 5 करोड़ 32 लाख, मोरवा जोन में 2767 उपभोक्ताओं पर 1 करोड़ 23 लाख की बकाया राशि समाधान योजना के तहत उपभोक्ताओं को जमा करना है।

वहीं ग्रामीण क्षेत्र के बरगवां जोन में 18850 उपभोक्ताओं पर 8 करोड़ 14 लाख, चितरंगी जोन में 11955 उपभोक्ताओं पर 4 करोड़ 86 लाख, देवसर जोन में 13343 उपभोक्ताओं पर 4 करोड़ 77 लाख, माड़ा जोन में 8080 उपभोक्ताओं पर

3 करोड़ 71 लाख, निवास जोन में 5047 उपभोक्ताओं पर 1 करोड़ 39 लाख, परसौना जोन में 10376 उपभोक्ताओं पर 3 करोड़ 85 लाख, रजमिलान जोन में 11476 उपभोक्ताओं पर 4 करोड़ 34 लाख, सरई जोन में 6767 उपभोक्ताओं पर 1 करोड़ 99 लाख रूपये की राशि बकाया है।

शिवराज सरकार का असली चेहरा आया सामने: सूर्या
युवक कांग्रेस के जिलाध्यक्ष सूरज कुमार द्विवेदी सूर्या ने कोरोना महामारी के दौरान घरेलू उपभोक्ताओं से बिजली बिल (1 लाख )वसूले जाने पर तीखा हमला किया है।

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उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान सभी तबके के लोग आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। तो वहीं प्रदेश की शिवराज सरकार बिजली वसूली करा रही है। बिजली बिल जमा न करने वालों पर कार्रवाई भी करेगी।

नोटिस का अर्थ यही होता है कि यदि बिजली बिल(1 लाख) उपभोक्ता नहीं जमा किया तो उसे जेल जाना पड़ेगा। उन्होंने कहा है कि उपभोक्ताओं की संपूर्ण बिजली बिल माफ होनी चाहिए।

डेस्क रिपोर्ट

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