Ajab gajab: बिमारी से बचाने के लिए यहाँ की मुर्गियों को खिलाई जा रही है भांग !

Ajab gajab: बिमारी से बचाने के लिए यहाँ की मुर्गियों को खिलाई जा रही है भांग! वास्तव में, थाईलैंड के लैम्पांग में मुर्गी पालन व्यापक रूप से किया जाता है। यहां के किसान अपने मुर्गियों को बीमारी से बचाने के लिए एंटीबायोटिक्स का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन एंटीबायोटिक्स देने के बावजूद यहां के मुर्गियां एवियन ब्रोंकाइटिस नामक बीमारी से संक्रमित हो रही हैं।

Ajab gajab:

ऐसे में यहां के चियांग माई विश्वविद्यालय के कृषि वैज्ञानिकों ने पॉट पोल्ट्री प्रोजेक्ट (पीपीपी) शुरू किया है। जिसके तहत मुर्गियों पर भांग का प्रयोग किया जा रहा है।

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photo by google

इस परियोजना के तहत अब तक एक हजार से अधिक मुर्गियों में भांग का प्रयोग किया जा चुका है। इसके लिए कुछ मुर्गियों को सीधे भांग के पत्ते खिलाए जाते हैं, जबकि कुछ मुर्गियों को पानी में भांग खिलाई जाती है।

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इस प्रयोग के बाद वैज्ञानिकों ने दावा किया कि भांग देने वाले कुछ ही मुर्गियों को एवियन ब्रोंकाइटिस नाम की बीमारी थी। इसके अलावा, वैज्ञानिकों ने चिकन अंडे, मांस या के व्यवहार में कोई बदलाव नहीं देखा।

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किसानों ने अलसी को पकाकर खाया भी, और उन्हें स्वाद में कोई अंतर नजर नहीं आया।इस प्रयोग के बाद मुर्गी पालन (पीपीपी) से जुड़े किसान परियोजना में आगे आ रहे हैं।

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उन्होंने कहा कि अगर बिना एंटीबायोटिक के भांग खिलाकर मुर्गियों को बीमारी से बचाया जा सकता है और उनमें कोई बदलाव नहीं आया तो कोई नुकसान नहीं होगा। परिस्थितियों में, थाई सरकार ने भांग को वैध कर दिया है।

सतना न्यूज डेस्क

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