सतना

शर्मसार करने वाली तस्वीर, रिक्शे में शव लाना पड़ा घर

सतना के मैहर में मानवता को झकझोर देने वाली तस्वीर सामने आई है, जहाँ एक आदिवासी महिला अपनी बुजुर्ग मां का शव रिक्से में घर तक ले जाने को मजबूर हुई, दरअसल सराय मुहल्ले की रहने वाली 85 वर्सीय नन्ही बाई को सिविल अस्पताल मैहर मे  दस्त की शिकायत पर भर्ती किया गया था। उपचार के दौरान महिला की मौत हो गई शव अस्पताल में दो घण्टे तक पड़ा रहा लेकिन न अस्पताल प्रवंधन ने ना ही किसी समाजसेवी ने मृतक वृद्धा के लिए शव वाहन कराया,बेवस अदिबासी परिवार रिक्से में शव ले जाने को मजबूर हुए

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मैहर के सराय मुहल्ले में उस समय सभी की आँखे नम हो गई जब एक आदिवासी बृद्ध महिला का शव रिक्से में ले जाते लोगो ने देखा नंन्ही बाई कोल नाम की 85 वर्सीय महिला की दो बेटियां है जबकि पति की वर्सो पहले मौत हो चुकी थी बेटियां ससुराल में रहती है नन्ही घर मे अकेली रहती थी और बिधवा पेंशन से गुजरा करती थी। लॉक डाउन की बजह से दो माह से पेन्सन नही मिला पाया। सोमबार को भी महिला अपनी बेटी के साथ बैंक पहुची और वापस आने और बीमार हो गई। बेटी और उसका नावालीक पुत्र नन्ही को लेकर सिविल अस्पताल पहुचे, लेकिन उल्टी दस्त की बजह से महिला की मौत हो गई। मौत की बाद इस पीड़ित अदिवासी परिवार की मदद को कोई आगे नही आया ।शव वाहन तक नही मिला और बेबस परिवार रिक्से में शव घर तक ले जाने को विवश हुया। अस्पताल प्रवंधन की माने तो सिविल अस्पताल में शव वाहन नही है ।मैहर के सामजसेवी ऐसे जरूरतमंदो को शव वाहन उपलब्ध कराते थे मगर अब वो भी इस पुण्य काम से हाथ खींच चुके

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AAD

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