सीधी-सिंगरौली

चहक उठा मन, सीधी से अपने घर रवाना हुए एक हजार से ज्यादा श्रमिक

सीधी : कोरोना वायरस की वजह से पूरे देश में लॉक डाउन है, लेकिन सीधी जिले से दूसरे राज्यों में मजदूरी करने गये तीन हजार श्रमिक लाकडाउन के बाद भी सीधी पहुँच गये थे, जहां जिला प्रसासन सभी का स्वास्थ्य परीक्षण कराकर एतियातन तौर पर जिले के सैकड़ों आदिवासी हॉस्टलों में क्वॉरेंटाइन कर दिया था,जहाँ जिला प्रसासन ने श्रमिकों के भोजन नास्ता सहित आवश्यक जरूरी सामग्रियों का विशेष ध्यान रखा रहा था, आज श्रमिकों के स्वस्थ्य परीक्षण के बाद प्रसासन ने 15 सौ से अधिक श्रमिकों को बसों के द्वारा उनके घरों तक छोड़ा है

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घर के लिए रवाना होते लोग
घर के लिए रवाना होते लोग

150 से अधिक श्रमिक सिंगरौली जिले के चितरंगी के निवासी थे, क्वांरेटाइन सेंटर से घर जाने की छूट मिलने पर श्रमिकों खुशियों का ठिकाना नही रहा, यह सब श्रमिक जिले में रोजगार साधन होने की वजह से रोजी रोटी की तालाश में रोजगार को लेकर दूसरे राज्यो में पलायन कर अपना गुजारा कर रहे थे, कोरोना की वजह से हुये लाकडाउन में दूसरे राज्यो से कुछ तो पैदल कुछ वाहन के सहारे सीधी तक पहुँचे थे, क्वांरेटाइन सेंटर में 144 लोग दूसरे राज्यों के सीधी में फसें हुये है, जिन्हें प्रसासन उन्हें उनके राज्यो तक पहुँचबाने कि कावायत शुरू कर दिया है

ट्रायवल असिस्टेंट कमिश्नर डॉ के के पांडे
ट्रायवल असिस्टेंट कमिश्नर डॉ के के पांडे

ट्रायवल असिस्टेंट कमिश्नर डॉ के के पांडे ने बतया की सीधी के ग्रामीण इलाके के अधिक्तर श्रमिक है जिसमे कुछ सिंगरौली सहित आसपास के काई जिलों के श्रमिक शामिल है जिन्हें प्रसासन ने बसों के द्वारा उनके घरों तक पहुँचबाने कि व्यस्था की गाई है, यह सभी श्रमिक दुसारे राज्यो से चकलर लॉक डाउन के बाद सीधी पहुँचे थे, जिन्हें आदिवासी हॉस्टलों में क्वांरेटाइन में रखा गया था, कुछ श्रमिक दूसरे राज्य के भी सीधी में क्वांरेटाइन में रखा गया है।

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