सीधी-सिंगरौली

चितरंगी पुलिस का आडियो वायरल, 3 हजार का क्या है झोल

सिंगरौली : जिले के चितरंगी थाने को लेकर एक ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है आखिर 3000 का क्या मामला है इसको लेकर चर्चाओं का बाजार काफी गर्म हो गया है, इस ऑडियो की भनक वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंच गई है, जो भी हो लेकिन चितरंगी थाना एक पुलिस अधिकारी के रवैए से काफी बदनाम होता दिखाई दे रहा है फिर भी एक से अधिकारी पर क्यों मेहरबानी दिखाया जा रहा है। यह समझ से परे लग रहा है जो भी हो लेकिन इस ऑडियो कि हम पुष्टि नहीं करते हैं फिर इस ऑडियो की जांच होना तो जरूरी है,

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इधर बताते चलें कि गत 1 सप्ताह से सोशल मीडिया पर एक ऑडियो वायरल हो रहा है इस ऑडियो में एक आम व्यक्ति व पुलिस के बीच का वार्तालाप चल रहा है जिसमें साफ सुनाई दे रहा है कि अभी पूरा पैसा नहीं मिला है कई बातों को विधिवत रिकॉर्ड किया गया है। यहां तक कि बात करने वाला व्यक्ति पुलिस से यह भी कह रहा है कि साहब का जो बकाया है उसे पूरा कर दूंगा साथ ही आपको अलग से कुछ कर दूंगा लेकिन मेरा काम हो जाना चाहिए साथ उस व्यक्ति ने यह भी कहा है कि गंभीर मामला मेरे ऊपर कायम नहीं होना चाहिए ऐसी धारा लगाइए की चितरंगी से ही जमानत हो जाए। युवक के इस बात पर दूसरे तरफ से यह आश्वासन दिया गया कि इसी लिए पैसा लिया गया है तुम्हारा काम हो जाएगा तुम परेशान ना हो साहब बोले हैं तो काम तो हो जाएगा कुछ इस तरह का वार्तालाप का ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है

अगर इस ऑडियो में थोड़ी भी सच्चाई होगी तो पुलिस की छवि पर गहरा प्रभाव पड़ सकता है जो भी हो लेकिन इस ऑडियो की पुष्टि हम नहीं करते हैं लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे ऑडियो ने कई संदेह को जाहिर करता हुआ दिखाई दे रहा है,क्योंकि चितरंगी पुलिस की कार्यप्रणाली इन दिनों सुर्खियों में बनी हुई है आए दिन कुछ ना कुछ पुलिस की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं जिसकी जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को भी है इसके बावजूद अधिकारी कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं।

जिस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर एक ऑडियो वायरल हो रहा है इसके साथ वीडियो भी वायरल किया गया है चितरंगी पुलिस बदरा जंगल के वाहन को पकडऩे की बात कर रहे हैं वही एक वीडियो में यह भी कहा जा रहा है कि आरोपी के गांव मिसिर गवाह से वाहन को चितरंगी पुलिस ने पकड़ा है सूत्रों की बातों पर गौर करें तो कुछ ना कुछ चितरंगी पुलिस ने इस कार्यप्रणाली की सही तरीके से जांच हो तो मामला अपने आप बेपर्दा हो सकता है क्योंकि फुटेज कई संदेश को पैदा कर रहे है।

पुलिस की भूमिका पर सवाल

सूत्रों की बातों के आधार के साथ-साथ जिस तरह ऑडियो व वीडियो में बताया जा रहा है, उस आधार पर देखा जाए तो चितरंगी पुलिस के भूमिका पर कई सवाल पैदा हो रहा है उसकी सबसे बड़ी वजह यह मानी जा रही है, कि चितरंगी पुलिस इस तरह के कई मामले पर सवालों मैं घिर चुकी है जिस कारण संदेह पैदा होना लाजीम हो गया है सूत्र तो यह भी बताते हैं कि चितरंगी पुलिस कोरेक्स पिकअप वाहन को बदरा जंगल से पकडऩे की बात कह रही है, वह चालक पहले चितरंगी में ऐसे जगह कार्य करता था जहां पुलिस ऐसे हर महीने मुलाकात कर लेन-देन करता था सूत्र तो यह भी बताते हैं कि पुलिस से उसका पहले लेन देन के दौरान अच्छे संबंध थे आखिर ऐसा क्या हुआ कि पुलिस के निशाने पर आ गया।

यह कहना इसलिए पड़ रहा है कि पुलिस कहती है कि बगदरा जंगल से पिकअप वाहन को पकड़ा है वही वीडियो ऑडियो में मिसिरगवा से वाहन पकडऩे की बात कहीं जा रही है अगर पुलिस की कार्यवाही में दम है तो मोबाइल लोकेशन तो गवाही बन सकता है, चाहे पुलिस का हो या आरोपी के लोकेशन की जांच हो मामला बेपर्दा हो सकता है,क्योंकि वीडियो में व्यक्ति जिससे बात कर रहा है वह चितरंगी थाने का एक आरक्षक होने की बात कही जा रही है 1 सप्ताह से पुलिस के छवि को बदनाम करने की साजिश हो या हकीकत रची जा रही है फिर भी पुलिस इस ऑडियो की जांच करने की जहमत नहीं जुटा पा रही है ऐसे में कहीं ना कहीं पुलिस की कार्यवाही में झोल लग रहा है

इनका कहना है

पुलिस को बदनाम करने की साजिश है किसी से कोई लेन-देन की बात नहीं की गई है जान बूझकर ऐसा बचने के लिए किया जा रहा है।

जबर सिंह थाना प्रभारी चितरंगी

AAD

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