सतना

यहाँ बनता है 11 हजार लोगो का खाना, ये है सतना का सेंट्रलाइज किचन

सतना : सतना के इस किचन में बन रहा है रोज 11 हजार लोगो का खाना करोना के कहर के बाद भारत लॉक डाउन से गरीब की थाली से भूख की चीख पुकार मचने लगी,रोज कमाकर खाने वालों के आगे रोजी रोटी का संकट गहराने लगा और पलायन को मजबूर होने लगे लेकिन सतना में गरीब की थाली को सतना जिला प्रशासन ने सेंट्रल किचिन के जरिये सम्हाल लिया और रोजाना जिले भर में 11 हजार गरीब जरूरत मंदो को की थाली तक खाना परोसा जाने लगा

IMG-20210305-WA0003
20210615_185746_0000_640x360

सेंट्रल किचिन जहाँ सरकारी स्कूल के छात्रो के लिए मध्यान भोजन पकता था अब गरीब और जरूरत मंदो की रसोई बन गयी है।ये खाना न तो किसी विवाह समारोह के लिए बन रहा है और न ही किसी भंडारे का आयोजन होना है। ये खाना बन रहा है उन गरीब जरूरतमंदों के लिए जो इस लॉकडाउन से दो-चार हो रहे हैं। जिला प्रशासन की निगरानी में रोजाना 11 हजार गरीबों के लिए खाना तैयार किया जाता है। ये काम रात-दिन चल रहा है। खाना बनाने के लिए मिड डे मील की रसोई सेंट्रलाइज किचन का इस्तेमाल किया जा रहा है।

सतना नगर निगम समेत जिले की 6 नगर पंचायतों कोठी, बिरसिंहपुर, कोटर, नागौद और जैतवारा में भी इसी सेंट्रलाइज किचन से खाना जा रहा है। तस्वीरें देखिये कोई आटा गूथ रहा है… कोई लोई काट रहा है… कोई पूरियां बना रहा है तो कोई पूरियां तल रहा है। इन तस्वीरों को देखकर यह कतई मत समझिएगा कि यह पूरा खाना किसी शादी-ब्याह अथवा भण्डारा के लिए बनाया जा रहा है। दरअसल, 21 दिन के लॉकडाउन में सबसे ज्यादा हालत उन गरीबों की खराब है जो रोज कमाते हैं और रोज खाते हैं। मध्यप्रदेश सरकार जिला प्रशासन के जरिए ऐसे गरीबों को घर-घर खाना पहुंचा रही है। जिस किचन में कभी बच्चों का मध्यान्ह भोजन पकता था आज उसी किचन में गरीबों की रसोई सजी है।

जानकारी के मुताबिक 11 हजार गरीब परिवारों के लिए खाना तैयार करने में रोजाना करीब 10 क्विंटल आटा, 225 लीटर तेल, साढ़े 5 क्विंटल चावल, ढाई क्विंटल अरहर की दाल और एलपीजी के 10 सिलेण्डरों की खपत हो रही है।

AAD

विज्ञापन

SATNANEWS.NET पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें

Comment here