सतना

उपयंत्री एक नंबरी तो दूसरा दस नंबरी

दिनांक 4 मार्च 2020 को जिला पंचायत सीईओ द्वारा जनपद पंचायत नागौद के दुरेहा सेक्टर में विकास कार्यों के निरीक्षण हेतु किए गए फील्ड भ्रमण एवं दुरेहा सेक्टर में ली गई बैठक में उपयंत्री हेमंत तिवारी द्वारा किए गए व्यापक भ्रष्टाचार को सीईओ जिला पंचायत में गंभीरता से लेते हुए कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया है सीईओ जिला पंचायत के क्षेत्र भ्रमण में यह पाया गया था कि उपयंत्री हेमंत तिवारी द्वारा जल संरक्षण एवं संवर्धन हेतु डग पॉण्ड नाम की संरचना का बेहद ही गुणवत्ता विहीन निर्माण किया गया। जिला पंचायत सीईओ के भौतिक निरीक्षण में स्पष्ट पाया कि संरचनाओं के भुगतान के अनुपात में एक चौथाई भी वास्तविक कार्य नहीं हुआ है।
संबंधित उपयंत्री द्वारा फर्जी तरीके से मानव दिवस सृजित करने हेतु संरचनाओं के फर्जी मूल्यांकन एवं भुगतान किए गए जबकि कार्य वास्तव में हुए ही नहीं थे। नोटिस का समाधान कारक जवाब प्रस्तुत ना होने पर की जा सकती हैं सेवाएं समाप्त ।

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इससे पूर्व भी इसी उपयंत्री हेमंत तिवारी के सेक्टर की ग्राम पंचायत *रुनेही में एक ही सामुदायिक भवन को दो बार पूर्णता दिखाकर राशि आहरित कर ली गई थी जिसे सीईओ जिला पंचायत में पकड़ लिया था तब जिला स्तर से कार्यपालन यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा ने सरपंच सचिव एवं राजनैतिक दबाव में ऐसा करने की बात कहकर उपयंत्री को बचा लिया था  परंतु आज फिर उपयंत्री द्वारा उसी तर्ज पर बिना कार्य के भुगतान किए गए ऐसे में कार्यपालन यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा अश्वनी जयसवाल की भूमिका भी बेहद संदेहास्पद है

ग्राम पंचायत दुरेहा में भी विगत 2 वर्षों में इनके द्वारा व्यापक पैमाने पर निर्माण कार्य में अनियमितता की गई हैं जिसकी शिकायत है ग्राम वासियों द्वारा सीईओ जिला पंचायत को मौके पर ही की गई आश्चर्यजनक यह है कि जहां छोटे छोटे कर्मचारियों को छोटे-छोटे गलतियों के लिए सेवा समाप्ति निलंबन स्थानांतरण जैसे दंड दे दिए जाते हैं वही उपयंत्रियों को गंभीर अनियमितताओं के बावजूद सिवाय नोटिस जारी होने के कुछ नहीं किया जाता इसी जनपद पंचायत से उपयंत्री अनिल पांडे द्वारा किया गया भ्रष्टाचार की स्वतः स्वीकारोक्ति एवं जनपद पंचायत सीईओ के प्रतिवेदन के बावजूद उस पर कोई कार्यवाही ना होना ऐसे कारण बताओ सूचना पत्र आदि पर संदेह का वातावरण निर्मित करता है । जहां जिला पंचायत सीईओ अपनी तेजतर्रार एवं ईमानदार कार्य शैली से भ्रष्टाचार को समाप्त करने हेतु प्रयासरत रहती हैं वही कार्यपालन यंत्री एवं कुछ अन्य कर्मचारियों के आश्रय से उपयंत्रीओं द्वारा बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किए जाने के बाद भी इन पर कोई कार्यवाही नहीं हो पाती। और सूत्रों से तो खबर जहां तक है की पंचायत के सबसे छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई करके सीईओ जिला पंचायत के प्रयासों को विफल करने का सुनियोजित षड्यंत्र जिला पंचायत के कुछ कर्मचारियों एवं कार्यपालन यंत्री अश्वनी जायसवाल द्वारा किया जाता है और आम जनता का विश्वास भी सीईओ जिला पंचायत से कम करने प्रयास भरपूर किया जाता है।

AAD

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