सतना

टीचर ने मांगा दहेज़ ! सरकारी नौकरी से धोया हाथ

सतना जिले के सोहावल के शासकीय स्कूल में पदस्थ एक शिक्षक को पद मुक्त कर दिया गया है, शिक्षक का नाम अनिरुद्ध सिंह हैं, जिनके ऊपर दहेज क्रूरता को लेकर मामला पंजीबद्ध हैं, जिसके बाद उसे दहेज प्रताड़ना पर टर्मिनेट कर दिया गया है शिक्षा विभाग ने दहेज की मांग को लेकर प्रताडि़त करने और क्रूरता पूर्ण व्यवहार करने के मामले में 17 साल बाद जिले के एक और शिक्षक को टर्मिनेट कर दिया है, आयुक्त लोक शिक्षण विभाग ने मामले की गंभीर प्रकृति को देखते हुए शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सोहावल के व्याख्याता अनिरुद्ध सिंह पटेल को सेवा से पदच्युत करने के आदेश जारी कर दिए हैं, इसके पहले 2003 में एक महिला सहायक शिक्षक को टर्मिनेट किया गया था, अनिरुद्ध सिंह के विरुद्ध विवाह के पश्चात दहेज की मांग को लेकर मानसिक रूप से प्रताडि़त कर क्रूरता का व्यवहार करने की शिकायत थाना सिटी कोतवाली में दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया, आयुक्त लोक शिक्षण म.प्र. शासन सामान्य प्रशासन विभाग के नियमों के अनुसार यदि किसी शासकीय सेवक को आपराधिक प्रकरण में न्यायालय द्वारा दोष सिद्ध पाया जाता है, जिसमें उसका नैतिक पतन अंतर्वलित हो तो यह अपेक्षा है कि उसे वर्गीकरण नियम में प्रावधानित ‘सेवा से पदच्युत’ की शास्ति अधिरोपित की जाना चाहिए, ऐसे मामलों में वर्गीकरण नियम के तहत अपचारी सेवक के विरुद्ध विस्तृत विभागीय जांच आवश्यक नहीं है, सूचना देना भी आवश्यक नहीं है, अर्थात दण्डादेश सीधे पारित किये जा सकते हैं, यदि अपचारी ने दोष सिद्ध के विरुद्ध अपीली न्यायालय में अपील की है और न्यायालय ने दोष सिद्ध को स्थगन न देकर मात्र सजा को स्थगित किया है तो भी यह शास्ति अधिरोपित करने का प्रावधान है, इस आधार पर अनिरुद्ध सिंह व्याख्याता शा.उमावि सोहावल जिला सतना के विरुद्ध दोषसिद्ध पाये जाने पर म.प्र. सिविल सेवा (वर्गीकरण नियम तथा अपील) नियम 1966 के नियम -10(9) के तहत पदच्युत किया जाता है

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