सतना

बिना कर्ज लिए बने कर्जदार, कलक्ट्रेट पहुँच लगाई गुहार

सतना में पूर्व शिवराज सरकार में हुए भ्रष्ट्राचार का खमियाजा किसान भुगतने को मजबूर है ,जिन किसानों ने कर्ज का अबेदन तक नही दिया वो कर्जदार है और अब इन बेबस किसानों को ऋण अदायगी की नोटिस मिल रही और ऋण जमा न करने पर कुर्की की धमकी ,ऐसे में पीड़ित सैकड़ो किसानों ने मुख्यमंत्री कामलनाथ से न्याय की गुहार लगाई है ।मामला सतना जिले के देवरी चोरहटा सेवा सहकारी समिति का है ,जहाँ 1228 किसानो को नोटिस मिली है जबकि अधिकांस किसानों ने ऋण लिया ही नही ।जालशाज समित प्रवंधक ने किसानों के नाम 48 करोड़ का गबन कर पिछले दो वर्षों से फरार है जिसे पुलिस तलास नही पाई और किसान को कर्ज जमा करने की नोटिस पर नोटिस जारी की जा रही ।

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कई बार लगा चुके है सरकार से गुहार

ये वो किसान है जिनकी नींद हराम है। पिछले तीन सालों से न सो पा रहे और न ही जिंदगी में सकून है ।ये क्रेंदीय सहकारी बैंक के कर्जदार है ।सर पर हाथ रखे कमलनाथ सरकार से न्याय की गुहार लगा रहे ।दरअसल पिछली सरकार में इनके साथ जालसाजी हुई ।5हजार का कर्ज लेने वाले किसान पचास हजार ,पचास हजार का कर्ज लेना वाला पांच लाख और पांच लाख का कर्ज लेने वाला किसान पच्चीस लाख का कर्जदार बन गया ।कुछ ऐसे भी किसान हैं जो एक रुपये का कर्ज नही लिया इसके बाबजूद लाखो के कर्जदार है ।कुछ मृत किसान भी है जिनके नाम से कर्ज लिया गया और अब उनके वारिसों को कर्ज के साथ ब्याज भरने की नोटिस मिल रही ।दरअसल देवरी क्रेंदीय सहकारी बैंक के प्रवंधक रामलोटन तिवारी ने अपने अधीनस्थ कर्मचारियो के साथ मिल कर 1228 किसानों के साथ धोखधड़ी की। लगभग 49 करोड़ की भारी भरकम राशी कर्ज के रूप में मंजूर की और हजम कर लिया । किसानों को राशी जमा करने की 2018 में नोटिस मिली और मामला बंद फाइलों से बाहर आ गया । शिकवा शिकायते हुई ,जांच पड़ताल हुई और समित प्रवंधक रामलोटन तिवारी सहित 14 लोगो पर किसानों के नाम कर्ज लेने और गवन का आरोप लगा ।बाकायदा नामजद आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और जालशाजी का मामला अमरपाटन थाने में दर्ज हुया ।मगर दो साल गुजर गए एक भी आरोपी को सतना पुलिस गिरफ्तार नही कर पाई ।और अब किसानों को 15 फरबरी तक कर्ज की राशि ब्याज सहित वापस करने की नोटिस दी जा रही और नोटिस सार्वजनिक जगहों पर चस्पा की जा रही ।ऐसे में किसान परेसान है। दो दर्जन गांवों के किसानों ने पंचायत बुलाकर आर पार की लड़ाई का एलान किया है और किसान हितैसी मुख्यमंत्री कमलनाथ से न्याय की गुहार लगाई है ।किसानों की मॉने तो दो सालो से वो परेसान है सतना जिला प्रशासन उनकी शिकायतों को रद्दी की टोकरी में फेंक रहा ऐसे में वो करे तो करे क्या ।किसान अब न्यायालय की शरण मे जाने का मन बनाया है ।

स्थानीय अधिकारियों के षडयंत्र में फसे किसान

भाजपा सरकार में किसानों ने स्थानीय प्रशासन के साथ साथ सरकार तक सिकबा शिकायते की ।लेकिन नतीजा ढाक के तीन पात ही रहा ।सरकार बदली किसानों की उम्मीद भी जागी ,किसानों ने जय किसान ऋण माफी योजना के तहत लाभ के लिए अबेदन दिया मगर अब तक एक किसान को इस योजना का लाभ नही मिला ,बैंक प्रवंधक ने फार्म भराये और अब उन्ही को नोटिस दे कर कर्ज अदा करने का दवाब बना रहे। हालांकि इस मामले में बैंक प्रबंधक का अजीबो गरीब तर्क है ।उनकी मॉने तो पूर्व समित प्रवंधक ने जालशाजी की ,बैंक के दस्तावेज गायब कर दिए,20 करोड़ किसानों की कर्ज की राशि जमा है जिसका कोई हिसाब नही ,पर किसानों को कोई चिंता करने की जरूरत नही ,उनकी समस्या का समाधान निकाल लिया जाएगा ।

AAD

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