सतना

कोरोना संक्रमण के बीच गिर गई ब्लड की मांग

सतना 4 मई। कोरोना कर्फ्यू के बीच शासकीय जिला चिकित्सालय में ब्लड ट्रांसफ्यूजन का ग्राफ गिरा है। मेटरनिटी विंग के अलावा डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल के अन्य वार्डों से इक्का-दुक्का डिमाण्ड ही आती है। यही हाल प्राइवेट अस्पतालों का भी है। प्रसूति और इमरजेंसी सेवाओं के अलावा अन्य किसी मरीज के लिए ब्लड ट्रांसफ्यूजन की फिलहाल कोई गुंजाइश नहीं है। प्रतिदिन 3 दर्जन से ज्यादा यूनिट की खपत वाले इकलौते सरकारी ब्लड बैंक में बमुश्किल औसतन आधा दर्जन यूनिट ब्लड की खपत है।

Dr Anuj Pratap Singh
JANTA
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बताया जा रहा कि जिला अस्पताल समेत जिले के करीब 52 निजी हास्पिटल में केवल इमरजेंसी ओपीडी ही चालू है। कोरोना वायरस के संक्रमण के मद्देनजर केवल बुखार, खांसी और जुकाम के मरीजों को तरजीह दी जा रही है। प्लान्ड सर्जरी को पहले ही आगे के लिए बडा दिया गया है। अब इमरजेंसी ओपीडी में उन्हीं मरीजों को लिया जा रहा है जो गंभीर रोग से पीडि़त हैं या फिर प्रसव के मामले हैं।

ब्लड बैंक के जानकार बताते है कि सर्वाधिक ब्लड की डिमाण्ड मेटरनिटी, लेबर रूम से आ रही है। इसके बाद एसएनसीयू, बच्चा वार्ड और इक्का-दुक्का डिमाण्ड आइसोलेशन वार्ड से आ रही है। नर्सिंग होम्स से कभी कभार ही ब्लड लेने के लिए मरीज आते हैं वो भी प्रसूति के मामलों में। इस मौसम में लगभग 40 यूनिट ब्लड की खपत हुआ करती थी मगर अब 8 से 10 बैग ब्लड की खपत ही है। मौजूदा समय पर सरकारी ब्लड बैंक में प्लेटलेट्स ऑन डिमाण्ड बनता है। स्टॉक की बात करें तो यहां जनरल प्लाजा से फ्रिज फुल है जबकि करीब 80 बैग पैकसेल और 12 यूनिट प्लेटलेट्स रखे हैं।

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RED MOMENTS STUDIO

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