सतना

सतना के कोठी मे हुई रावण की पूजा

सतना। भारत सचमुच अद्भुत परंपराओं और संस्कृति से भरा देश है। यहां पूरे देश में दशहरा पर्व धूमधाम से मनाया जाता है, बुराई पर सच्चाई की जीत स्वरूप रावण का पुतला दहन किया जाता है, लेकिन कुछ ऐसे भी स्थान हैं। जहां रावण का दहन नहीं बल्कि पूजन होता है। रावण को अपना रिश्तेदार मानने वाले लोग भी इन स्थानों पर मौजूद हैं। पुराणों में किए गए उल्लेख के अनुसार रावण महाज्ञानी और पंडित था, जिसकी वजह से भी उसका पूजन किया जाता है।

Dr Anuj Pratap Singh
JANTA
IMG-20210305-WA0003


पिछले 40 सालों से कोठी थाने परिसर में बनी वर्षो पुरानी रावण के प्रतिमा पर रनेही निवासी रमेश मिश्रा और उनका परिवार पूजा करता चला आ रहा है. रमेश मिश्रा और उनके परिवार का कहना है कि वह सभी रावण के वंसज है, इस लिए उनकी पूजा करते है. इनके अलावा भी गांव के काफी लोग खुद को रावण का रिस्तेदार मानते हैं.

रमेश मिश्रा ने कहा कि रावण सबसे ज्ञानी थे, जिन्होंने ब्रह्मा विष्णु महेश तीनों देवताओं को अपनी तपस्या से खुश किया था. उन्हींके लिए रामजी की लीला रची गई और रावण का अंत किया गया. रावण में अहंकार भले रहा हो पर उनकी भक्ती, तप और ज्ञान पूजने लायक है.

IMG-20210124-WA0016
RED MOMENTS STUDIO

विज्ञापन

SATNANEWS.NET पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें

Comment here