FEATUREDसीधी-सिंगरौली

दो हजार रूपये लाओ टिपर भरकर रेता ले जाओ

सिंगरौली 4 अक्टूबर। दो हजार रूपये लाओ टिपर भरकर सोन नदी से रेता भरकर ले जाओ। इस तरह का गोरख कारोबार नौडिहवा चौकी क्षेत्र के सोन नदी से धड़ल्ले से हो रहा है। रेत माफिया इतने सक्रिय हो गये हैं कि चौकी प्रभारी की एक भी नहीं चल रही है, बल्कि एक विवादित आरक्षक सब कुछ जिम्मा संभाल लिया है। आरक्षक एवं रेत कारोबारियों के बीच हो रही बातचीत की कॉल डिटेल खंगालें तो सब कुछ बेपर्दा हो जायेगा। हालांकि आरक्षक ने भी चतुराई भरा काम कर रहा है। जिस मोबाइल नंबर का उपयोग कर रहा है वह नंबर रेत माफियाओं के अलावा किसी के पास नहीं रहता।

Dr Anuj Pratap Singh
JANTA
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जानकारी के मुताबिक चितरंगी तहसील क्षेत्र के पुलिस चौकी नौडिहवा अंतर्गत बडऱम, क्योंटिली सोन नदी से रेत का उत्खनन, परिवहन का कारोबार पूर्व की तरह फिर से रफ्तार पकड़ लिया है। आलम यह है कि शाम ढलते ही दर्जनों टिपर व इससे कई गुना टैक्टर सोन नदी में रेता परिवहन का काम शुरू कर देते हैं। इसके लिए बकायदे मुखबिर भी तैनात रहते हैं। बताया जा रहा है कि सोन नदी का रेता सीधे यूपी खपाया जा रहा है। जहां रेत माफियाओं व खाकी बर्दी के बीच सांठ-गांठ भी हो गया है। सूत्र यहां तक बता रहे हैं कि टिपर वाहनों से 15 सौ से 2 हजार रूपये प्रति ट्रिप व टै्रक्टर वाहनों से 6 हजार रूपये महीने फिक्स हो चुका है। जहां बकायदे इसके वसूली के लिए एक आरक्षक तैनात है जो कई सालों से इसी चौकी में पदस्थ है और वही सब कुछ इन दिनों कर्ता-धर्ता बना हुआ है।

वहीं रेत माफिया इस तरह खाकी बर्दी पर हावी हैं कि चौकी प्रभारी भी नियंत्रण पाने पर असमर्थता जताते हुए हाथ खड़े कर दिये हैं। कहने के लिए पांच एसएफ के जवान तैनात किये गये हैं लेकिन इनकी तैनाती का भी कोई असर नहीं पड़ा है, बल्कि अब और तेजी से रेत का खेल जारी है। फिलहाल नौडिहवा चौकी क्षेत्र में रेत कारोबारियों के बढ़ते प्रभाव, पुलिस व सोन घडिय़ाल अमले की चुप्पी व आरक्षक चौकी प्रभारी पर भारी को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। वहीं चर्चा है कि आखिरकार रेत कारोबारियों से प्रति ट्रिप व महीना किसके संरक्षण में वसूला जा रहा है।

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जगह-जगह तैनात रहते हैं मुखबिर

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक रेत कारोबारियों ने जगह-जगह मुखबिर भी तैनात किये रहते हैं और उनका यह मुखबिर रात 8 बजे से अलसुबह 5 बजे तक ड्यूटी बजाते हैं। उसके एवज में उन्हें 5 सौ रूपये बतौर मजदूरी के रूप में भुगतान किया जाता है। चितावल सोन पुल पर एक नहीं तीन-तीन मुखबिर बैठे रहते हंै और जो भी वाहन निकलते हैं उनके बारे में रेत कारोबारियों को अवगत कराते हुए सतर्क कर देते हैं। जिसके चलते कारोबारियों पर ठोस कार्रवाई भी नहीं हो पा रही है।

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सोनभद्र जिले में खप रही रेता

जानकारी के अनुसार बरड़म, क्योंटिली के सोन नदी से शाम ढलते ही रेत कारोबारी सक्रिय हो जाते हैं और दो-चार नहीं बल्कि दो दर्ज से अधिक टिपर वाहन व दर्जनों की संख्या में ट्रैक्टर उत्खनन कर परिवहन करने में लग जा रहे हैं। यह हाल एक दिन का नही है बल्कि रोजाना का है, लेकिन सोन घडिय़ाल अभ्यारण्य व पुलिस चौकी नौडिहवा की पुलिस पूरी तरह से अंजान बनकर कारोबारियों को संरक्षण दे रखी है। ऐसे हालात में रेत माफियाओं के भी हौसले बुलंद होते जा रहे हैं। वहंी नौडिहवा क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन, परिवहन की हवा चितरंगी, गढ़वा क्षेत्र में भी बहने लगी है। हालांकि थाना प्रभारी की सक्रियता व सख्त रवैया के आगे रेत कारोबारी भूमिगत हैं।

इनका कहना है

अभी तक ऐसी कोई जानकारी नहीं थी, आज मिल रही है। यदि ऐसा है तो इस पर तत्काल रोक लगाया जायेगा। हालांकि यहां एसएफ के जवान भी तैनात किये गये हैं। किसी भी हालत में गौण खनिज का अवैध उत्खनन नहीं होने दिया जायेगा।

अनिल सोनकर
एएसपी, सिंगरौली

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