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SINGRAULI रोपित पौधे के देख-रेख में भारी गड़बड़झाला, जांच हो तो हो सकता है बेपर्दा

सिंगरौली 25 सितंबर। जिले को हरा भरा बनाने के लिए सरकार प्रयासरत है, ताकि पर्यावरण को सुदृढ़ बनाया जा सके। लेकिन इसमें वन विभाग के अधिकारी रोपित पौधों के देख-रेख के नाम पर डीएमएफ के खजाने में सेंधमारी कर गड़बड़झाला करने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रहे हैं। अगर सही तरीके से जांच हो तो कई ऐसे गड़बड़झाला हुए हैं जो बेपर्दा हो सकता है।

Dr Anuj Pratap Singh
JANTA
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गौरतलब हो कि सिंगरौली जिले में वर्ष 2017 से लेकर अभी वर्तमान स्थितियों पर नजर दौड़ायें तो वन विभाग के द्वारा जिले में करोड़ों पौधे रोपित किये गये हैं। ताकि पर्यावरण को सुरक्षित बचाया जा सके। इसके लिए प्रति वर्ष लाखों पौधे रोपित किये जाते हैं। प्रतिवर्ष पौधे रोपित हो रहे हैं। उसी तरह इन पेंड़ों की कटाई भी हो रही है। इनका सामंजस्य बना रहे इसलिए प्रतिवर्ष अपने लक्ष्य की पूर्ति करने के लिए वन विभाग के द्वारा जिले भर में पौध रोपण किया जाता है। इन पौध रोपण की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी उतनी ही जरूरी है जितना इन्हें पौधरोपण के दौरान किया जाता है। बताते चलें कि वर्ष 2017 से लेकर वर्ष 2020 के दौरान सिंगरौली जिले में लाखों पौधे रोपित किये गये हैं। इन पौधों के देख-रेख के लिए लाखों रूपये का बजट जारी हो रहा है। यहां तक कि इन पौधों की सुरक्षा के लिए डीएमएफ फण्ड से भी राशि जारी की जाती है, लेकिन वन विभाग के जिम्मेदार अधिकारी डीएमएफ फण्ड में भी जमकर गड़बड़झाला किया जा रहा है।

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सूत्रों की मानें तो वर्ष 2017 से लेकर अब तक जो पौधे रोपित किये गये हैं उनकी देख-रेख के साथ-साथ खरपतवारों की कटाई छटाई के लिए दी गयी राशि में सिर्फ वन अमला कोरमपूर्ति के लिए कार्य कर रहा है। वस्तु स्थिति देखें तो जिस स्थानों पर पौधे रोपित किये गये हैं उन स्थानों में वर्षों से वन अमला के द्वारा खरपतवारों को नहीं हटाया गया है। यहां तक कि जो पौधे तैयार हो गये हैं, उनके लिए विधिवत कटाई छटाई करने की जिम्मेदारी वन अमला को दी गयी है। इसके लिए विधिवत डीएमएफ फण्ड से राशि जारी की जाती है, लेकिन इस राशि में भी वन विभाग के कर्ताधर्ता जमकर भर्रेशाही करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी है।

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जिले में चार वर्षों में 39 लाख पौधे रोपित

विभागीय सूत्रों की बातों पर गौर करें तो वन विभाग के द्वारा सिंगरौली जिले में वर्ष 2017 से लेकर वर्ष 2020 तक लगभग 39 लाख 42 हजार 249 पौधे रोपित किये गये हैं। जानकारी के अनुसार वर्ष 2017 में 880549, वर्ष 2018 में 570275, वर्ष 2019 में 1784425 और वर्ष 2020 में 707000 पौधे रोपित किये गये हैं। यह जानकारी वन विभाग के द्वारा प्रदान की गयी है। बताया जाता है कि इन पौधों के देख-रेख के लिए प्रति वर्ष डीएमएफ फण्ड से लाखों रूपये का बजट प्रदान किया गया है। इस बजट में वन अमला के द्वारा जमकर सेंधमारी की जाती है। अगर सही तरीके से जांच हो तो मामला बेपर्दा हो सकता है।

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पौधे के देख-रेख में अनियमितता की बू

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सूत्रों की बातोंं पर गौर करें तो डीएमएफ फण्ड से वन विभाग के द्वारा रोपे गये पौधों के देख-रेख के लिए लाखों रूपये का बजट प्रदान किया जाता है। ताकि इन पौधों का सही तरीके से सुरक्षा की जा सके। इसके लिए विधिवत बजट प्रदान किया जाता है, लेकिन इन पौधों के देख-रेख के नाम पर जमकर वन विभाग के अधिकारियों के द्वारा अनियमितताएं किये जाने का मामला प्रकाश में आ रहा है। सूत्रों की बातों पर गौर करें तो इस खेल में क्षेत्रीय अधिकारियों के साथ-साथ विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत बतायी जाती है। लेकिन जब इस संबंध में बात होती है तो जिम्मेदार अधिकारी गोलमोल जबाव देकर बात को टाल देते हैं।

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