सतना

AKS ने दो हजार छात्रों का भविष्य डाला अंधकार में !

AKS यूनिवर्सिटी के गेट पर आज सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने जमकर हंगामा किया यही नहीं कॉलेज गेट में धरने पर बैठ गए और नारेबाजी करने लगे उनका यह गुस्सा यूनिवर्सिटी के लिए इसलिए था क्योंकि उन्हें अपना भविष्य अंधकार में नजर आ रहा है

Dr Anuj Pratap Singh
JANTA
IMG-20210305-WA0003

दो हजार छत्रों का भविष्य खतरे में 

ICAR यानी इंडियन काउंसिल आफ एग्रीकल्चर रिसर्च ने एक अधिसूचना जारी की थी जिसमें यह कहा गया था कि जो भी प्राइवेट कॉलेज या यूनिवर्सिटी कृषि संबंधी कोर्सों को चला रहे हैं, उनका ICAR से मान्यता प्राप्त होना जरूरी है नहीं तो ऐसी यूनिवर्सिटी से पढ़ने छात्रों को पीजी के लिए किसी भी शासकीय कॉलेज में दाखिला नहीं मिलेगा और ना ही नौकरी ऐसे में यहाँ पढ़ने वाले दो हजार से ज्यादा छात्रों को अपना भविष्य अंधकार में नजर आरहा, वहीं यूनिवर्सिटी मामले पर गोल मोल जबाब देदी नजर आरही!  AKS यूनिवर्सिटी गेट के सामने जमीन पर बैठे हुए ये वो छात्र-छात्राएं हैं जिन्हें अपने भविष्य की चिंता सता रही है

, आरोप है कि AKS यूनिवर्सिटी एग्रीकल्चर में पढ़ने वाले तीन हजार से ज्यादा छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है,, सभी छात्र कृषि संकाय के हैं दरअसल आईसीएआर यानी इंडियन काउंसिल आफ एग्रीकल्चर रिसर्च ने साफ कहा है कि जो भी यूनिवर्सिटी आईसीएआर से मान्यता प्राप्त नहीं है वहां पढ़ने वाले स्टूडेंट्स को पीजी के लिए कोई भी गवर्नमेंट कॉलेज नहीं लेगी,, बात करें AKS यूनिवर्सिटी की तो यहां कृषि संकाय के चार साल के कोर्स के स्टूडेंट्स को मिलाकर तकरीबन तीन हजार से ज्यादा स्टूडंट पड़ते हैं हर सेमेस्टर में 700 से 800 बच्चे यहां अध्ययनरत हैं

छात्रों की माने तो कॉलेज उनके साथ धोखा कर रहा है क्योंकि इतनी बड़ी संख्या में यहां एडमिशन किए जाते हैं और आईसीएआर की गाइडलाइन के मुताबिक यूनिवर्सिटी में लिमिटेड सीटें ही रह जाएंगी,, जिससे ज्यादा एडमिशन AKS यूनिवर्सिटी नहीं कर पाएगा यही वजह है कि AKS यूनिवर्सिटी आईसीएआर से मान्यता लेने में कतरा रही है,, इसके एवज में वे हजारों छात्रों के भविष्य की बलि देने को भी तैयार है यहां हर छात्र से पर सेमेस्टर 30 हजार फीस ली जा रही है एक्रीडेशन के बाद यूनिवर्सिटी मन मुताबिक फीस भी नहीं ले पाएगी यहां के छात्रों का यह भी आरोप है कि यूनिवर्सिटी की तरफ से उन्हें धमकाया भी जा रहा है

ताकि उनकी आवाज को दबाए जा सके इस बात से इत्तेफाक यूनिवर्सिटी के चेयरमैन भी रखते हैं कि आईसीएआर से यदि मान्यता नहीं मिली है तो छात्र छात्राओं को आगे की पढ़ाई के लिए कहीं भी दाखिला नहीं मिलेगा लिहाजा मामला साफ है कि यहां पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं का भविष्य अंधकार में है छात्रों के भविष्य को लेकर यूनिवर्सिटी के चेयरमैन गोलमोल जवाब देते नजर आए यही नहीं छात्रों के भविष्य के बारे में जब हमने बात पूछी तो आईसीएआर से जल्द मान्यता लेने की बात भी कही है, जिसके लिए यह कहा गया कि यह एक लंबी प्रक्रिया है और वक्त भी लग सकता है। मामला साफ है कि यहां पढ़ने वाले छात्रों का भविष्य अभी अंधकार में है यूनिवर्सिटी आईसीएआर से मान्यता लेने की बात तो कर रही है लेकिन लंबे वक्त का भी हवाला दे रही है ऐसे में फाइनल ईयर में पढ़ने वाले छात्र कुछ ही दिनों में पास आउट हो जाएंगे उनके भविष्य का क्या यही नहीं यूनिवर्सिटी के द्वारा आए गोलमोल जवाब से भी यह स्पष्ट नहीं होता कि आखिर इन बच्चों के भविष्य की जिम्मेदारी किसकी है जो गेट पर खड़े होकर अपने हक की मांग कर रहे हैं !

IMG-20210124-WA0016
RED MOMENTS STUDIO

विज्ञापन

SATNANEWS.NET पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें

Comment here